जिंदगी स्टेटस हिंदी में zindagi whatsapp status hindi

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ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब है, जिसमें जीने की चाहत होनी चाहिये, ग़म खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे, सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिये


 ज़िंदगी जिसका बड़ा नाम सुना है हमने, एक कमजोर सी हिचकी के सिवा कुछ भी नहीं


अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं, और हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं


 राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है। जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बनकर वही निकलता है

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जो तेरी चाह में गुजरी वही ज़िंदगी थी बस, उसके बाद तो बस ज़िंदगी ने गुजारा है मुझे


 बस यही दो मसले, ज़िन्दगी भर ना हल हुए, ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए, वक़्त ने कहा, काश थोड़ा और सब्र होता, सब्र ने कहा, काश थोड़ा और वक़्त होता


दिल मैं हर राज़ दबा कर रखते है, होंटो पर मुस्कराहट सजाकर रखते है, ये दुनिया सिर्फ़ खुशी मैं साथ देती है, इसलिए हम अपने आँसुओ को छुपा कर रखते है


अब तो हम अपनी किस्मत की लकीरो पर यकीन किया नही करते है, जब यहाँ आज कल लोग बदल जाया करते है, तो हम अपनी किस्मत क्यों नही बदल लिया करते है


 एक उम्र गुस्ताखियों के लिये भी नसीब हो, ये ज़िंदगी तो बस अदब में ही गुजर गई


ये कशमकश है कैसे बसर ज़िंदगी करें, पैरों को काट फेंके या चादर बड़ी करें


 मुझे ज़िंदगी का इतना तजुर्बा तो नहीं है दोस्तों, पर लोग कहते हैं यहाँ सादगी से कटती नहीं


ले दे के अपने पास फ़क़त एक नजर तो है, क्यूँ देखें ज़िंदगी को किसी की नजर से हम


 पहचानूं कैसे तुझ को मेरी ज़िंदगी बता, गुजरी है तू करीब से लेकिन नकाब में


. हम तो अक्सर सारे गमो को हँस कर गले लगा लेते है, क्योंकि जिंदगी हमारी ही है इसे हम खुल कर जी लेते है

रियल लाइफ स्टेटस इन हिंदी

 ज़िंदगी है थोड़ा आहिस्ता चल, कट ही जाएगा सफ़र आहिस्ता चल, एक अंधी दौड़ है किस को ख़बर, कौन है किस राह पर आहिस्ता चल


 गुस्सा अक्सर बहुत चालाक हुआ करता है, क्योंकि ये सिर्फ कमजोरो पर ही निकला करता है


 जिंदगी के राज है तो राज रहने दो, अगर हैं कोई एतराज तो रहने दो, पर जब दिल करे हमें याद करने को, तो उसे ये मत कहना के आज रहने दो


कितना और बदलूं खुद को ज़िंदगी जीने के लिए, ऐ ज़िंदगी, मुझको थोड़ा सा मुझमें बाकी रहने दे


 छोटे से दिल में गम बहुत है, जिन्दगी में मिले जख्म बहुत हैं, मार ही डालती कब की ये दुनियाँ हमें, कम्बखत दोस्तों की दुआओं में दम बहुत है


 जिंदगी में कभी माँ के पहनावे पर शर्म नही करनी चाहिये, और जिंदगी में कभी बाप की गरीबी पर शर्म नही करनी चाहिये


 सच बिकता है झूठ बिकता है बिकती है हर कहानी, तीनों लोक में फैला है फिर भी बिकता है बोतल में पानी


 ज़िन्दगी कबकी खामोश हो गयी, दिल तो बस आदतन धड़कता है


 कश्ती है पुरानी मगर दरिया बदल गया, मेरी तलाश का भी तो जरिया बदल गया, ना शक्ल बदली ना अक्ल बदली, बस लोगों के देखने का नजरिया बदल गया


तु कितनी भी खुबसुरत क्यूँ ना हो ए ज़िंदगी खुशमिजाज़ दोस्तों के बगैर अच्छी नहीं लगती


 प्यार तब तक रहता है जब तक की वजूद और मौजूद की बात हो, नहीं तो जरुरी और मज़बूरी रस्ते ही बदल देते है


 हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला, हम को जो भी मिला बेवफा यार मिला, अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी, हर कोई अपने मकसद का तलबगार मिला


 मुझ से नाराज़ है तो छोड़ दे तन्हा मुझको, ऐ ज़िन्दगी, मुझे रोज़ रोज़ तमाशा न बनाया कर


जाने क्या मुझसे ज़माना चाहता है, मेरा दिल तोड़कर मुझे ही हसाना चाहता है, जाने क्या बात झलकती है मेरे इस चेहरे से, हर शख्स मुझे आज़माना चाहता है


 ये सोच कर अपनी हर हँसी बाट दी मेने कि किसी ख़ुशी पर मेरा भी नाम हो जाए, मुख़्तसर सा सफर है मेरा कोन जाने कब मेरे इस सफर की आखरी शाम हो जाए


 रूठी जो जिदंगी तो मना लेंगे हम, मिले जो गम वो सह लेंगे हम, बस आप रहना हमेशा साथ हमारे तो, निकलते हुए आंसूओ में भी मुस्कुरा लेंगे हम


 हम तो यूँ ही किसी को मतलबी कहा नही करते है, क्योंकि हम खुद ही उपर वाले को दुःख में याद करते है


 मुझे पतझड़की कहानियां सुना के उदास न कर ऐ जिंदगी नए मौसम का पता बता, जो गुज़र गया वो गुज़र गया


जुगनुओं की रोशनी से तीरगी हटती नहीं, आइने की सादगी से झूठ की पटती नहीं, ज़िंदगी में गम नहीं फिर इसमें क्या मजा, सिर्फ खुशियों के सहारे ज़िंदगी कटती नहीं


 ज़िन्दगी से पूछिये ये क्या चाहती है, बस एक आपकी वफ़ा चाहती है, कितनी मासूम और नादान है ये, खुद बेवफा है और वफ़ा चाहती है


जाना कहा था और कहां आ गए, दुनिया में बन कर मेहमान आ गए, अभी तो प्यार की किताब खोली थी, और न जाने कितने इम्तिहान आ गए


एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी, जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं, हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं


 सर ऐ आम मुझे ये शिकायत है ज़िन्दगी से, क्यूँ मिलता नहीं मिजाज मेरा किसी से


पढ़ने वालों की कमी हो गयी है आज इस ज़माने में वरना मेरी ज़िन्दगी का हर पन्ना, पूरी किताब है


डरते है आग से कही जल न जाये डरते है ख्वाब से कहीं टूट न जाये लेकिन सबसे ज़्यादा डरते है आपसे कहीं आप हमें भूल न जाये


मंजिलें मुझे छोड़ गयी रास्तों ने संभाल लिया, जिंदगी तेरी जरूरत नहीं मुझे हादसों ने पाल लिया


 शतरंज‬ खेल रही है मेरी


मत सोच इतना जिन्दगी के बारे में, जिसने जिन्दगी दी है उसने भी तो कुछ सोचा होगा


 ज़िन्दगी लोग जिसे मरहम ए ग़म जानते हैं, जिस तरह हम ने गुज़ारी है वो हम जानते हैं


 बख्शा है ठोकरों ने सँभलने का हौसला, हर हादसा ख्याल को गहराई दे गया


 हासिल ए ज़िंदगी हसरतों के सिवा और कुछ भी नहीं, ये किया नहीं, वो हुआ नहीं, ये मिला नहीं, वो रहा नहीं


अब समझ लेता हूँ मीठे लफ़्ज़ों की कड़वाहट, हो गया है ज़िंदगी का तजुर्बा थोड़ा थोड़ा

 

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 कुछ ऐसे हादसे भी होते हैं ज़िंदगी में ऐ दोस्त, इंसान बच तो जाता है मगर ज़िंदा नहीं रहता

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