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Mother son poetry in hindi अपने आप को देखा था माँ की आँखों में

Mother son poetry hindi

उदास रहने को कोई अच्छा नहीं बताता

कोई भी जहर को मीठा नहीं बताता है।

कल अपने आप को देखा था माँ की आँखों में

ये आईना हमे बूढ़ा नहीं बताता है।

ए अँधेरे देख ले मुँह तेरा काला हो गया

माँ ने आँखे खोल दी घर में उजाला हो गया।


किस तरह वो मेरे गुनाहो को धो देती है

माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।

बुलंदियों का बड़े से बड़ा नीसान छुआ

उठाया गोद में माँ ने तब आसमान छुआ।

किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दूकान आयी

मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आयी।


ma par kavita mother son poem in hindi

maa par kavit in hindi

udas rahne ko koe achha nahi btata

koe bhi jahar ko meetha nahi btata

kal apne aap ko dekha ma ki ankho me 

ye ayina hame buda nahi btata

ae andhere dekh le muh tera kala ho gya

ma ne ankhe khol di ghar me ujala ho gya



kis trha wo mere gunaho ko dho deti hai

maa bahut gusse me ho to ro deti hai

bulandio ka bade se bda nisan chhua

uthaya god me ma ne tb asman chhua

kisi koe ghar mila or hisse me dukan ayi 

mai sabse chhota tha mere hisse me ma ay


माँ के लिए  सबसे खूबसूरत कविता 

घुटनो से रेंगते हुए 

कब पैरों पर खड़ा हुआ

तेरी ममता के छाओं में

जाने कब बड़ा हुआ

कला टिका दूध मलाई

आज भी सब कुछ बैसा है 

तू ही तू है हर जगह 

प्यार ये तेरा कैसा है 

सीधा सादा, भोला भाला

मई ही सबसे अच्छा हूँ

कितना भी हो जॉन बड़ा 

मैं आज भी तेरा बचा हूँ



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